छत्तीसगढ़

जेल से फरार चारों आरोपियों की गिरफ्तारी, आखिरी आरोपी हाटी जंगल से पकड़ा गया

Shantanu Roy
13 Sept 2025 8:09 PM IST
जेल से फरार चारों आरोपियों की गिरफ्तारी, आखिरी आरोपी हाटी जंगल से पकड़ा गया
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Korba. कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक माह पहले चर्चा में आए जेल ब्रेक मामले में बड़ी सफलता मिली है। कोरबा जिला जेल से फरार हुए चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सबसे आखिर में पकड़ा गया आरोपी चंद्रशेखर राठिया को हाटी जंगल से गिरफ्तार किया गया। जानकारी के अनुसार, वह बनारस तक फरार हो गया था और पुलिस की लंबे समय से उसकी तलाश चल रही थी। यह मामला करीब एक महीने पहले सामने आया था जब दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद चार आरोपियों ने 25 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश की और फरार हो गए। जेल से भागने वालों में दशरथ सिदार (19), राजा कंवर (22), सरना सिंकु (26) और चंद्रशेखर राठिया (24) शामिल थे। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें साफ दिखाई दिया कि चारों कैदी दीवार फांदकर बाहर निकलते हैं। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने विशेष टीम का गठन किया और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए। पुलिस ने फरार आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए 10,000 रुपए का इनाम भी घोषित किया। साथ ही साइबर सेल, स्थानीय थानों और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर आरोपियों की तलाश तेज की गई। इस कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को रायगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया। इनमें राजा कंवर अपनी गर्लफ्रेंड के संपर्क में था, जिससे संपर्क का नंबर ट्रेस कर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने उसकी मदद करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की। वहीं तीसरा आरोपी सरना सिंकु को कोरबा के कोतवाली क्षेत्र में छिपे होने की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनता के भरोसे को बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सबसे आखिरी आरोपी चंद्रशेखर राठिया की तलाश सबसे कठिन रही। वह लगातार स्थान बदलते हुए हाटी जंगल में छिपा हुआ था। बालको थाना पुलिस ने लगातार दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बनारस तक फरार हो गया था और सीमावर्ती इलाकों में छिपकर बचने का प्रयास कर रहा था। इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर भी कार्रवाई हुई। सहायक जेल अधीक्षक और तीन प्रहरी को निलंबित कर दिया गया ताकि सुरक्षा में लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जा सके। सीएसपी भूषण एक्का ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने रणनीतिक रूप से सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ कर आगे की जांच की जा रही है।
यह मामला पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय बना। जेल की दीवार फांदकर भागे आरोपियों की घटना ने प्रशासन और पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। अब चारों की गिरफ्तारी से जनता को राहत मिली है, लेकिन यह घटना जेल में सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर गई। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें ताकि अपराध पर नियंत्रण पाया जा सके। साथ ही जेल प्रशासन से सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक सुधार किए जाने की अपेक्षा की जा रही है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तकनीकी निगरानी, समन्वित कार्रवाई और सतर्क पुलिस व्यवस्था ही अपराधियों पर नकेल कसने में कारगर साबित होती है।
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